Nisarg Vidnyan Mandalनिसर्ग विज्ञान मंडळ, नागपूर

जल एवं प्राकृतिक संसाधन

गाँव की भागीदारी से सूखे नालों, कुओं और खेत तालाबों में फिर से पानी लाना।

नेत्रवन और उमरेड तालुका के गाँव

यहाँ ज़्यादातर खेती बारिश पर निर्भर है। गाँव वालों और वन कर्मचारियों के साथ मिलकर NiViM बारिश के पानी को रोकता है, ताकि वह ज़मीन में समा जाए: नालों पर छोटे पत्थर के चेक डैम, गहरे किए गए नाले, रिचार्ज किए गए कुएँ और खेत तालाब। यही पानी फसलों, मवेशियों और वन्यजीवों के काम आता है।

हम क्या करते हैं

  1. नालों में बारिश का पानी रोकने के लिए पत्थर और जाली के चेक डैम (गेबियन बांध) और सीमेंट के चेक डैम बनाना।
  2. कुओं और ट्यूबवेल का रिचार्ज, और किसानों के साथ खेत तालाब खोदना।
  3. गर्मियों में वन कर्मचारियों के साथ श्रमदान (गाँव वालों का स्वैच्छिक श्रम) से वन्यजीवों के लिए जलकुंड भरना।
  4. आम नदी को बचाने के लिए "चला जाणूया नदीला" (आइए अपनी नदी को जानें) अभियान का नेतृत्व।
  5. 1997 से नागपुर शहर में स्वच्छ त्योहार और कचरा प्रबंधन अभियान।

CSR टीमों के लिए: कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची VII के (iv) पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण में आता है।

हाथ से पत्थर का गेबियन बांध बनाते हुए।
हाथ से पत्थर का गेबियन बांध बनाते हुए।

ज़मीन पर

  • 15 लाख लीटरबारिश का पानी, पहली बारिश के बाद 2 पत्थर के चेक डैम में रोका गयावित्त वर्ष 2020-21
  • 22आम नदी किनारे के गाँव नदी अभियान से जुड़ेवित्त वर्ष 2023-24
  • 2सीमेंट चेक डैम, जिनसे जंगल का नाला अप्रैल तक बहता रहावित्त वर्ष 2021-22
  • 1997नागपुर में स्वच्छ त्योहार अभियान शुरूशुरुआत

आँकड़े NiViM की वार्षिक गतिविधि रिपोर्टों से। रिपोर्ट देखें.

गर्मियों में जलकुंड: पहले और बाद में

गर्मी की तपिश में जंगल का जलकुंड सूख जाता है।पहले
गर्मी की तपिश में जंगल का जलकुंड सूख जाता है।
NiViM की टीम उसे भरती है, ताकि जंगली जानवर पानी पी सकें।बाद में
NiViM की टीम उसे भरती है, ताकि जंगली जानवर पानी पी सकें।

काम की जगह से

जंगल के नाले में पानी रोके हुए चेक डैम।
चित्र 2जंगल के नाले में पानी रोके हुए चेक डैम।
मानसून के बाद भरकर बहता नाला।
चित्र 3मानसून के बाद भरकर बहता नाला।
गर्मियों में हमारी टीम द्वारा भरे रखे गए जलकुंड पर लंगूर।
चित्र 4गर्मियों में हमारी टीम द्वारा भरे रखे गए जलकुंड पर लंगूर।
नेत्रवन के पास जलकुंड पर हिरण।
चित्र 5नेत्रवन के पास जलकुंड पर हिरण।
नेत्रवन के पास जलकुंड पर पानी पीते मवेशी।
चित्र 6नेत्रवन के पास जलकुंड पर पानी पीते मवेशी।
गर्मियों में वन्यजीवों को पानी मिले, इसलिए गाँव वाले श्रमदान से जंगल का नाला साफ़ करते हुए।
चित्र 7गर्मियों में वन्यजीवों को पानी मिले, इसलिए गाँव वाले श्रमदान से जंगल का नाला साफ़ करते हुए।
डव्हा के पास वन्यजीवों और मवेशियों के लिए जलकुंड।
चित्र 8डव्हा के पास वन्यजीवों और मवेशियों के लिए जलकुंड।

उमरेड के आसपास "जल एवं प्राकृतिक संसाधन" के काम को सहयोग दें।