प्राकृतिक खेती
आदिवासी और छोटे किसानों को महंगे रसायन खरीदना बंद करके अपनी प्राकृतिक खाद खुद बनाने में मदद।
उमरेड ब्लॉक के तांबेखणी सहित 5 गाँव
उमरेड ब्लॉक के छोटे किसानों के लिए रासायनिक खाद का खर्च बहुत बड़ा होता है। Bharat Agroecology Fund की मदद से NiViM ने किसानों को अपनी प्राकृतिक खाद और छिड़काव खुद बनाना, मिश्रित फसलें उगाना और मिलकर बेचना सिखाया। इस बदलाव में महिलाएँ और युवा किसान आगे रहे।
हम क्या करते हैं
- गोबर, नीम और स्थानीय पौधों से जीवामृत, नीमास्त्र और दूसरे प्राकृतिक छिड़काव व खाद बनाने का किसानों को प्रशिक्षण।
- गोबर से बड़ी मात्रा में कंपोस्ट बनाना, ताकि किसानों को कम रासायनिक खाद की ज़रूरत पड़े।
- मॉडल खेतों पर नतीजे दिखाना, किसानों को खेत भ्रमण पर ले जाना और किसान खेत पाठशाला चलाना।
- महिला स्वयं सहायता समूहों को गाँव में तेल मिल लगाने में मदद।
- ऐसे किसान समूह बनाना जो जैविक उपज मिलकर बेचें और बेहतर दाम पाएँ।
CSR टीमों के लिए: कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची VII के (i) आजीविका और (iv) पर्यावरण में आता है।

ज़मीन पर
- 113किसानों तक सीधी पहुँचBAF परियोजना 2024-25
- 90 एकड़ज़मीन पर अब 52 किसान बिना रसायन के खेती करते हैंवित्त वर्ष 2024-25
- ₹16.6 लाखखुद खाद बनाकर 52 किसानों ने बचाएBAF परियोजना 2024-25
- 520 बोरीरासायनिक खाद की अब ज़रूरत नहीं रहीBAF परियोजना 2024-25
आँकड़े NiViM की वार्षिक गतिविधि रिपोर्टों से। रिपोर्ट देखें.
काम की जगह से






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