Nisarg Vidnyan Mandalनिसर्ग विज्ञान मंडळ, नागपूर

कानून आसान भाषा में

NiViM के काम से जुड़े 14 कानून और पंजीकरण, आसान भाषा में, हर एक के आधिकारिक पाठ के लिंक के साथ।

NiViM का पंजीकरण कैसे है

इन कानूनों से NiViM को कानूनी पहचान मिलती है, वह भारतीय, विदेशी और कंपनियों (CSR) का धन ले सकता है, और दानदाताओं को कर लाभ मिलता है।

केंद्रीय अधिनियम संख्या 21 (1860)

सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम

सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860

आधिकारिक नाम: The Societies Registration Act, 1860

कानून क्या कहता है

  • साहित्यिक, वैज्ञानिक और धर्मार्थ सोसाइटियों के पंजीकरण का प्रावधान करता है।
  • 7 या उससे ज़्यादा लोग संगम ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन) पर हस्ताक्षर करके और उसे सोसाइटी रजिस्ट्रार के पास जमा करके सोसाइटी बना सकते हैं।
  • पंजीकरण के बाद सोसाइटी एक कानूनी इकाई बन जाती है। वह अपने नाम से संपत्ति रख सकती है, और अपने नाम से मुकदमा कर सकती है या उस पर मुकदमा हो सकता है।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM 17 फ़रवरी 1992 को वर्धा में सोसाइटी के रूप में पंजीकृत हुआ (पंजीकरण संख्या MH/49/92(W))।

India Code पर अधिनियम पढ़ें (अंग्रेज़ी) (नए टैब में खुलता है)

महाराष्ट्र अधिनियम संख्या XXIX (1950)। पहले का नाम: बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट, 1950

महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास अधिनियम

महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास अधिनियम, 1950

आधिकारिक नाम: The Maharashtra Public Trusts Act, 1950

कानून क्या कहता है

  • महाराष्ट्र में सार्वजनिक धार्मिक और धर्मार्थ न्यासों का नियमन करता है, जिनमें धर्मार्थ उद्देश्य से पंजीकृत सोसाइटियाँ भी शामिल हैं।
  • हर सार्वजनिक न्यास का चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में पंजीकरण ज़रूरी है (धारा 18)।
  • पंजीकृत न्यास को सही हिसाब रखना, हर साल उसका ऑडिट कराना और उसे चैरिटी कमिश्नर के पास जमा करना ज़रूरी है।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM एक पंजीकृत सार्वजनिक न्यास है (पंजीकरण संख्या F/1527 (W)), और उसे हर साल अपना ऑडिट किया हुआ हिसाब चैरिटी कमिश्नर के पास जमा करना होता है।

ध्यान दें। यह अधिनियम पहले "बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट, 1950" (Bombay Public Trusts Act, 1950) के नाम से जाना जाता था। पुराने प्रमाणपत्रों पर पुराना नाम होता है।

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अधिनियम संख्या 30 (2025), 1 अप्रैल 2026 से लागू। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

12A और 80G (आयकर)

आयकर अधिनियम, 2025 (पहले आयकर अधिनियम, 1961)

आधिकारिक नाम: The Income-tax Act, 2025

कानून क्या कहता है

  • 12A (अब 2025 के अधिनियम की धारा 332): आयकर विभाग में पंजीकृत धर्मार्थ संस्था अपने धर्मार्थ उद्देश्यों पर खर्च की गई आय पर टैक्स नहीं देती। 2025 का अधिनियम ऐसी संस्था को "पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन" (Registered Non-Profit Organisation) कहता है।
  • 80G (अब मंज़ूरी के लिए धारा 354 और दानदाता की कटौती के लिए धारा 133): मान्यता प्राप्त संस्था को दान देने वाला व्यक्ति दान का 50% अपनी कर योग्य आय से घटा सकता है, लेकिन कुल सीमा दानदाता की समायोजित कुल आय का 10% है।
  • ₹2,000 से ज़्यादा का नकद दान मान्य नहीं होता। नई (डिफ़ॉल्ट) कर व्यवस्था चुनने वाले दानदाता यह कटौती नहीं ले सकते।
  • 1961 के अधिनियम के तहत मिले पंजीकरण अपनी मूल अवधि तक मान्य रहते हैं।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM के पास दोनों पंजीकरण हैं। भारतीय दानदाताओं को 80G रसीद मिलती है, जिसका उपयोग वे आयकर रिटर्न भरते समय कर सकते हैं।

ध्यान दें। लोग अब भी "12A" और "80G" कहते हैं, जो पुराने 1961 के अधिनियम की धारा संख्याएँ हैं। 1 अप्रैल 2026 से नई धारा संख्याएँ लागू हैं।

आयकर अधिनियम, 2025 पढ़ें (PDF, आयकर विभाग, अंग्रेज़ी) (नए टैब में खुलता है)

केंद्रीय अधिनियम संख्या 42 (2010)। गृह मंत्रालय

FCRA

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010

आधिकारिक नाम: The Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010

कानून क्या कहता है

  • किसी भी विदेशी अंशदान को स्वीकार करने के लिए संस्था को केंद्र सरकार से पंजीकरण चाहिए (धारा 11)। पंजीकरण 5 साल के लिए मान्य होता है और उसका नवीनीकरण कराना होता है।
  • विदेशी अंशदान सबसे पहले केवल भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मुख्य शाखा के निर्धारित "FCRA खाते" में ही आना चाहिए (धारा 17)।
  • यह अंशदान किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता (धारा 7), और प्रशासनिक खर्च पर 20% से ज़्यादा खर्च नहीं हो सकता (धारा 8)।
  • विदेशी अंशदान का हिसाब अलग रखा जाता है और हर साल सरकार को सौंपा जाता है।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM के पास FCRA पंजीकरण है। प्रवासी भारतीयों (NRI) और विदेशी दानदाताओं का दान केवल NiViM के निर्धारित FCRA खाते में ही स्वीकार किया जाता है।

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केंद्रीय अधिनियम संख्या 18 (2013)। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय

CSR-1 (कंपनी अधिनियम)

कंपनी अधिनियम, 2013: धारा 135 और अनुसूची VII, और कंपनी (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति) नियम, 2014

आधिकारिक नाम: The Companies Act, 2013 (section 135, Schedule VII) and the Companies (CSR Policy) Rules, 2014

कानून क्या कहता है

  • जिस कंपनी की नेटवर्थ ₹500 करोड़ या अधिक, टर्नओवर ₹1,000 करोड़ या अधिक, या शुद्ध लाभ ₹5 करोड़ या अधिक है, उसे पिछले 3 साल के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% CSR पर खर्च करना होता है (धारा 135)।
  • यह खर्च अनुसूची VII में दी गई गतिविधियों पर ही होना चाहिए, जैसे पर्यावरण, पशु कल्याण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास।
  • कंपनी किसी पंजीकृत सोसाइटी या न्यास के ज़रिए CSR कर सकती है। इसके लिए उस संस्था को पहले फ़ॉर्म CSR-1 भरकर केंद्र सरकार में पंजीकरण कराना होता है (CSR नियमों का नियम 4(2))। इससे CSR पंजीकरण संख्या मिलती है।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM CSR के लिए पंजीकृत है (CSR00005067)। हमारा हर कार्यक्षेत्र अनुसूची VII के किसी मद से मेल खाता है, जो उसके पेज पर दिया गया है।

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सरकारी पंजीकरण पोर्टल, कानून नहीं

NGO DARPAN

NGO DARPAN पोर्टल, नीति आयोग

आधिकारिक नाम: NGO DARPAN portal, NITI Aayog

कानून क्या कहता है

  • NGO DARPAN नीति आयोग का मुफ़्त ऑनलाइन मंच है, जहाँ स्वयंसेवी संस्थाएँ पंजीकरण करके अपनी जानकारी सरकार को देती हैं।
  • हर संस्था को एक अलग पहचान संख्या (Unique ID) मिलती है। सरकारी योजनाओं और अनुदानों के लिए आवेदन से पहले मंत्रालय यह संख्या माँगते हैं।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM NGO DARPAN पर दर्ज है, इसलिए कोई भी सरकारी विभाग उसकी जानकारी जाँच सकता है।

NGO DARPAN देखें (नए टैब में खुलता है)

केंद्रीय अधिनियम संख्या 59 (1960)। मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय

भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड

पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960

आधिकारिक नाम: The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960

कानून क्या कहता है

  • यह अधिनियम पशुओं को अनावश्यक दर्द या पीड़ा से बचाता है, और जिस व्यक्ति के पास पशु है, उस पर उसकी भलाई की ज़िम्मेदारी डालता है (धारा 3)।
  • पशु कल्याण को बढ़ावा देने, सरकार को सलाह देने और पशु कल्याण संस्थाओं की मदद के लिए यह अधिनियम भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड की स्थापना करता है (धारा 4)।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड में पंजीकृत है।

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महाराष्ट्र अधिनियम संख्या XXIII (2023)। पशुपालन विभाग, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र गोसेवा आयोग

महाराष्ट्र गोसेवा आयोग अधिनियम, 2023

आधिकारिक नाम: The Maharashtra Goseva Ayog Act, 2023

कानून क्या कहता है

  • महाराष्ट्र में गोवंश के संरक्षण, सुरक्षा और कल्याण का प्रावधान करता है, और महाराष्ट्र गोसेवा आयोग की स्थापना करता है।
  • हर गौशाला, गोसदन, पांजरापोल और गोरक्षण संस्था को आयोग में पंजीकरण कराना होता है। आयोग पंजीकरण प्रमाणपत्र देता है।
  • आयोग इन संस्थाओं की योजनाओं और देसी गोवंश के विकास की निगरानी करता है।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM महाराष्ट्र गोसेवा आयोग में पंजीकृत है। संस्था नेत्रवन में प्राणी कल्याण आश्रम नाम की गौशाला चलाती है।

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केंद्रीय अधिनियम संख्या 27 (2006)। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय

MSME (उद्यम)

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006

आधिकारिक नाम: The Micro, Small and Medium Enterprises Development Act, 2006

कानून क्या कहता है

  • निवेश और टर्नओवर के आधार पर उद्यमों को सूक्ष्म, लघु या मध्यम में बाँटता है, और उनके पंजीकरण का प्रावधान करता है (अब यह पंजीकरण "उद्यम" के रूप में ऑनलाइन होता है)।
  • पंजीकृत इकाइयाँ छोटे उद्यमों के लिए बनी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकती हैं।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM के पास उद्यम (MSME) पंजीकरण है।

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हमारे काम से जुड़े कानून

गाँवों, जंगल और वन्यजीवों के साथ NiViM का काम, और NiViM आपका निजी डेटा कैसे संभालता है, यह इन कानूनों से तय होता है।

केंद्रीय अधिनियम संख्या 2 (2007)। जनजातीय कार्य मंत्रालय

वन अधिकार अधिनियम

अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006

आधिकारिक नाम: The Scheduled Tribes and Other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act, 2006

कानून क्या कहता है

  • अनुसूचित जनजातियों और अन्य परंपरागत वन निवासियों के उस वन भूमि और संसाधनों पर अधिकार मान्य करता है, जिन पर वे पीढ़ियों से निर्भर हैं।
  • गाँव को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार देता है: अपने परंपरागत जंगल की सुरक्षा, पुनर्जनन, संरक्षण और प्रबंधन का अधिकार (धारा 3(1)(i))।
  • लघु वनोपज पर समुदायों को स्वामित्व देता है, और उसे इकट्ठा करने, उपयोग करने और बेचने का अधिकार देता है (धारा 3(1)(c))। लघु वनोपज में तेंदूपत्ता, महुआ, शहद, लाख और औषधीय पौधे शामिल हैं (धारा 2(i))।
  • अधिकारों का दावा करने की प्रक्रिया ग्राम सभा शुरू करती है (धारा 6), और ग्राम सभा को अपने क्षेत्र के वन्यजीव, जंगल और जैव विविधता की रक्षा का अधिकार है (धारा 5)।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM ग्राम सभाओं को ये अधिकार पाने और उनका उपयोग करने में मदद करता है। गाँवों के पास अब 9,385 हेक्टेयर पर सामुदायिक वन अधिकार हैं, और वे अपना तेंदूपत्ता खुद बेचते हैं।

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केंद्रीय अधिनियम संख्या 53 (1972)। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972

आधिकारिक नाम: The Wild Life (Protection) Act, 1972

कानून क्या कहता है

  • पूरे देश में जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों, और उनके आवासों की रक्षा करता है।
  • धारा 36A के तहत, स्थानीय समुदायों से परामर्श के बाद राज्य सरकार सरकारी ज़मीन को संरक्षण रिज़र्व घोषित कर सकती है। यह ख़ास तौर पर राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों से सटी ज़मीन, और एक संरक्षित क्षेत्र को दूसरे से जोड़ने वाली ज़मीन के लिए है।
  • हर संरक्षण रिज़र्व की एक प्रबंधन समिति होती है, जिसमें स्थानीय लोग और वन विभाग शामिल होते हैं (धारा 36B)।

NiViM के लिए इसका मतलब

मुनिया संरक्षण रिज़र्व का प्रस्ताव NiViM ने सबसे पहले 2007 में रखा। महाराष्ट्र सरकार ने 11 मई 2021 को 96.01 वर्ग किमी क्षेत्र पर इसे घोषित किया।

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केंद्रीय अधिनियम संख्या 18 (2003)। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

जैव विविधता अधिनियम

जैव विविधता अधिनियम, 2002

आधिकारिक नाम: The Biological Diversity Act, 2002

कानून क्या कहता है

  • जैव विविधता के संरक्षण, उसके टिकाऊ उपयोग, और उसके उपयोग से मिलने वाले लाभों के उचित बँटवारे का प्रावधान करता है।
  • ग्राम पंचायत जैसे हर स्थानीय निकाय को स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और दस्तावेज़ीकरण के लिए जैव विविधता प्रबंधन समिति बनानी होती है (धारा 41)।
  • यह समिति लोक जैव विविधता रजिस्टर बनाती है: स्थानीय पौधों, जीवों और पारंपरिक ज्ञान का रिकॉर्ड।

NiViM के लिए इसका मतलब

NiViM की मदद से 32 ग्राम पंचायतों में जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ बनीं।

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केंद्रीय अधिनियम संख्या 42 (2005)। ग्रामीण विकास मंत्रालय

मनरेगा (ग्रामीण रोज़गार गारंटी)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005

आधिकारिक नाम: The Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act, 2005

कानून क्या कहता है

  • अकुशल शारीरिक काम माँगने वाले वयस्क सदस्यों वाले हर ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिन मज़दूरी वाले काम की कानूनी गारंटी दी गई थी (धारा 3)।
  • कामों की योजना और अमल की मुख्य एजेंसी ग्राम पंचायत है। दूसरी मान्यता प्राप्त एजेंसियाँ भी काम करा सकती हैं।

NiViM के लिए इसका मतलब

हमारे क्षेत्र में 18 गाँव ग्रामीण रोज़गार योजना के ये काम खुद चलाते हैं। इस वेबसाइट के आँकड़े वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के हैं, जब यह अधिनियम लागू था।

ध्यान दें। 1 जुलाई 2026 से यह अधिनियम निरस्त होकर उसकी जगह Viksit Bharat - Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act, 2025 (VB-G RAM G) लागू हुआ है, जो गारंटी को 125 दिन तक बढ़ाता है। चल रहे काम और जॉब कार्ड नए कानून में जारी रहते हैं।

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केंद्रीय अधिनियम संख्या 22 (2023)। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

DPDP अधिनियम

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023

आधिकारिक नाम: The Digital Personal Data Protection Act, 2023

कानून क्या कहता है

  • निजी डेटा का उपयोग क्यों और कैसे होगा, यह तय करने वाली संस्था ("डेटा फ़िड्यूशियरी") उसे केवल वैध उद्देश्य के लिए, व्यक्ति की सहमति से या कुछ तय वैध कारणों से ही इस्तेमाल कर सकती है (धारा 4, 6 और 7)।
  • उसे लोगों को बताना होता है कि कौन सा डेटा और क्यों इकट्ठा किया जा रहा है (धारा 5), डेटा सुरक्षित रखना होता है, और उद्देश्य पूरा होने पर उसे मिटाना होता है (धारा 8)।
  • लोगों को अपना डेटा देखने, सुधारने या मिटवाने, और शिकायत करने का अधिकार है (धारा 11 से 13)। बच्चों के डेटा के लिए माता-पिता की सत्यापन योग्य सहमति ज़रूरी है (धारा 9)।
  • शिकायतें भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड में की जा सकती हैं।

NiViM के लिए इसका मतलब

दानदाताओं, स्वयंसेवकों और संपर्क फ़ॉर्म से मिलने वाले डेटा के लिए NiViM इस अधिनियम का पालन करता है। हम कौन सा डेटा इकट्ठा करते हैं और आपके अधिकार क्या हैं, यह हमारी गोपनीयता नीति में दिया गया है।

India Code पर अधिनियम पढ़ें (अंग्रेज़ी) (नए टैब में खुलता है)

पंजीकृत, जवाबदेह और जाँच के लिए खुला।